
Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु में राजनीतिक हलचल के बीच थवेका नेता विजय ने बुधवार को राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का अधिकार मांगा। उन्होंने मांग की है कि उन्हें गुरुवार को फिर से राज्यपाल से मिलने का अवसर दिया जाए और सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते सरकार बनाने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें विधानसभा में बहुमत साबित करने का मौका दिया जाए।
थवेका पार्टी ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में सबसे अधिक 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया है, हालांकि पूर्ण बहुमत के लिए आवश्यक आंकड़ा अभी उनके पास नहीं है। इसी वजह से राज्य में सरकार गठन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है और राजनीतिक समीकरण लगातार बदल रहे हैं।
बुधवार (6 मई) को थवेका नेता विजय ने गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश किया। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने अपनी पार्टी की स्थिति और चुनाव परिणामों का हवाला देते हुए दावा किया कि उन्हें सरकार बनाने का अवसर दिया जाना चाहिए।
सूत्रों के अनुसार, गवर्नर कार्यालय ने थवेका से समर्थन देने वाले विधायकों की पूरी सूची प्रस्तुत करने को कहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पार्टी के पास सरकार बनाने के लिए पर्याप्त समर्थन है या नहीं। इस प्रक्रिया के बाद ही आगे की संवैधानिक कार्रवाई तय की जाएगी।
राज्य में त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति के चलते सभी राजनीतिक दल सक्रिय हो गए हैं। किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत न मिलने के कारण सरकार गठन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। थवेका के अलावा अन्य दल भी संभावित गठबंधन और समर्थन की रणनीति पर विचार कर रहे हैं।
विजय ने अपने बयान में कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत सबसे बड़ी पार्टी को पहले सरकार बनाने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी दोहराया कि उनकी पार्टी विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए तैयार है और इसके लिए उन्हें मौका दिया जाना चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में राज्यपाल की भूमिका अहम होगी, क्योंकि सरकार गठन की दिशा उनके निर्णय पर काफी हद तक निर्भर करेगी। समर्थन पत्रों की जांच के बाद ही आगे की प्रक्रिया स्पष्ट हो पाएगी।
फिलहाल तमिलनाडु में राजनीतिक सरगर्मी तेज है और सभी की नजरें राज्यपाल के अगले कदम और थवेका पार्टी की रणनीति पर टिकी हुई हैं।





